लाइफस्टाइल



3 करोड़ में अपनी शादी में बुलाओ किंग खान को- 
 नहीं नहीं, वह आपका कार्ड देखकर वहां नहीं आएंगे। बल्कि इसके लिए आपको अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी होगी। जी हां, पिछले कुछ सालों में शादी और दूसरी पार्टियों में स्टार्स को बुलाने का चलन खूब चला है।

अगर आप किंग खान को अपनी शादी की पार्टी में बुलाना चाहते हैं तो वहां आकर आपके गेस्ट के साथ फोटो खिंचवाने और माइक पर विश करने के लिए आपको सिर्फ 3 करोड़ रुपये का चेक काटना होगा। लेकिन अगर थोड़े पैसे बचाना चाहें तो आपके लिए ढाई करोड़ रुपए में अक्षय कुमार का ऑप्शन भी खुला है। सलमान खान भी आपकी पार्टी में न केवल आएंगे बल्कि अपना दबंग वाला बेल्ट डांस भी करेंगे लेकिन इसके लिए आपको खर्चने होंगे सिर्फ डेढ़ से दो करोड़ के बीच। ऋतिक रोशन की पार्टी फीस भी ढाई करोड़ के आस पास है।

आम तौर पर बॉलीवुड एक्ट्रेस शादियों में जाने से बचती हैं, क्योंकि वहां कोई ऊटपटांग फैन मिल जाए तो काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए इंडस्ट्री की हीरोइनों ने अपनी वेडिंग फीस काफी हाई रखी है। सूत्रों के अनुसार जहां कैटरीना और करीना एक शादी में जाने के डेढ़ से दो करोड़ लेती हैं, वहीं प्रियंका एक शादी में जाने के 1 करोड़ रुपए तक चार्ज करती है। लेकिन इंडस्ट्री की बी क्लास में आने वाली एक्ट्रेस को बुलाना आपके लिए थोड़ा फायदे का सौदा हो सकता है क्योंकि सेलिना जेटली, मिनिषा लांबा, राखी सावंत, मलाइका अरोड़ा को शादी में बुलाने के लिए आपको 10 से 15 लाख रुपए ही खर्चने होंगे। इससे भी सस्ता खोज रहे हों तो कोइना मित्रा, पायल रोहतगी या सनोबर कबीर को 7 से 8 लाख रुपए में आप अपनी पार्टी में बुला सकते हैं।

अगर आप यह सोच रहे हैं कि पार्टी में बुला लिया तो ये सितारे आप के लिए सब कुछ करेंगे तो यह आपकी गलतफहमी है, इनकी यह लाखों करोड़ों की फीस सिर्फ 10 मिनट से आधा घंटे आपकी पार्टी में आकर एक-दो फोटो खिंचवाने की है। अगर आप चाहते हैं कि किंग खान आपकी पार्टी में डांस करें तो आपको 2 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। वहीं सलमान, ऋतिक और अक्षय के ठुमके आपको 1 से 1.5 करोड़ में ही देखने को मिल पाएंगे। लेकिन हीरोइनों के ठुमकों के लिए आपको अपनी जेब थोड़ी कम ढीली करनी होगी।

सूत्रों का कहना है कि कैटरीना और करीना शादी में डांस करने के 55 लाख रुपए लेती हैं, प्रियंका की फीस 50 लाख है और मल्लिका शेरावत इसके लिए 30 लाख रुपए चार्ज करती है।

शो रूम ओपनिंग फीस 
यह तो रही शादियों और पार्टियों की बात, ये सितारे नए शोरूम का फीता काटने के भी मोटे पैसे लेते हैं। जहां एक तरफ शाहरुख सलमान एक उद्घाटन के डेढ़ करोड़ लेते हैं, वहीं अक्षय, ऋतिक और जॉन अब्राहम की इनॉग्युरेशन फीस 80 लाख के करीब है। लेकिन कटरीना और करीना एक फीता काटने के 30 लाख रुपए लेती हैं। जबकि इस काम के लिए प्रियंका 25 लाख और दीपिका 20 लाख रुपए फीस लेती है।

स्टार्स को अपनी पार्टी में बुलाने के लिए आपको और भी कई बातों का ध्यान रखना होगा। मसलन ये लोग पार्टी में आने के बाद कॉन्ट्रेक्ट में लिखी बातों और शर्तों के अलावा कुछ भी नहीं करेंगे। अगर आप मुंबई से बाहर किसी स्टार को इन्वाइट कर रहे हैं तो उनकी फ्लाइट की टिकट वह भी बिजनेस क्लास की, आप ही की जेब से जाएगी। एक और बात, ये लोग अकेले सफर नहीं करते। उनके साथ एक मेकअप आर्टिस्ट, एक हेयर स्टाइलिस्ट, एक मैनेजर और कम से कम दो गार्ड तो चलते ही हैं। सबसे इंपॉंर्टेंट बात यह है कि कोई भी स्टार अपना चेक लिए बिना एयरपोर्ट से हिलना भी मंजूर नहीं करता

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ओ राजू...ब्याह न करियो बर्बाद हो जाएगा!  -
ओ राजू...ब्याह न करियो बर्बाद हो जाएगा!अहमदाबाद: इस बार दूल्हा-दुल्हन बनना कुछ ज्यादा महंगा पड़ने वाला है। शादी के मुहूर्त कम होने की वजह से शादी-ब्याह का खर्च 20-25 फीसदी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

विक्रम संवत के मुताबिक नवंबर से फरवरी तक के शादी के मौसम में केवल 24 शुभ दिन हैं, जबकि पिछले साल इनकी तादाद 50 थी।  


मूहुर्त ही कम हैं...महंगा तो पड़ेगा ही

मूहुर्त ही कम हैं...महंगा तो पड़ेगा हीशादी के लिए उपलब्ध दिवस घटकर आधे रह गए हैं, ऐसे में समारोह स्थल, शादी से जुड़े सामान, कैटरर, साज-सज्जा, ज्वैलरी और लॉजिस्टिक की व्यवस्था पर दबाव पड़ना तय है। इसे देखते हुए भारतीय शादियों पर खर्च होने वाली रकम पहले के मुकाबले इस बार ज्यादा होगी।

पिछले साल आर्थिक मंदी की वजह से शादी-ब्याह से जुड़े कारोबार में 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।इस बार भारत और विदेश में महंगी शादियों का जिम्मा संभालने के कारोबार में लगी कंपनियों के यहां ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।
कितना बड़ा है शादी का बाजार?
 कितना बड़ा है शादी का बाजार?  कितना बड़ा है शादी का बाजार?                                                                                         भारतीय शादी बाजार करीब 20,000 करोड़ रुपए का है और इसमें से एक-चौथाई यानी 5,000 करोड़ रुपए के कारोबार के लिए हलचल शुरू हो चुकी है। कारोबार इतना बढ़ रहा है कि बड़े प्लानर छोटी एजेंसियों को अपना काम आउटसोर्स कर रहे हैं। मुंबई की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने गोवा में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए इंदौर के एक वेडिंग प्लानर नियुक्त किया है।

परसेप्ट डी मार्क में वेडिंग सेक्शन के प्रमुख आदित्य मोटवानी ने कहा, 'शादी-ब्याह के आयोजन की योजना तैयार करने वाले प्रोफेशनल को आने वाले कुछ दिनों में ज्यादा काम करना होगा। दिल्ली में 28 नवंबर को 5,000 शादियां होने जा रही हैं। बुकिंग अब 20-25 फीसदी महंगी हो सकती है, क्योंकि नवंबर-दिसंबर-जनवरी के पीक सीजन की वजह से आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।'
सस्ते में कीजिए शादी..आखिर जेब आपकी है सस्ते में कीजिए शादी..आखिर जेब आपकी है
जोड़ियां भले स्वर्ग में तय होती हों , लेकिन कहानी अंजाम तक धरती पर ही पहुंचती है। हर दूल्हा और दुल्हन चाहते हैं कि सैकड़ों मेहमानों के बीच और चमचमाते आयोजन स्थल में उनकी इच्छा के मुताबिक शादी संपन्न हो और इस पर एक रुपया भी खर्च न आए। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा केवल ख्वाब में ही हो सकता है।

असल जिंदगी में शादी का मतलब होता है सभी संबंधित पक्षों के लिए कई सप्ताह तक जारी रहने वाली चिंता और तनाव। यह सिरदर्द शादी की तारीख तय होने से लेकर अंतिम रिसेप्शन तक जारी रहता है। इस चिंता को दोगुना करने का काम करता है आपका घटता बैंक बैलेंस जो हर एक समारोह के साथ एक - एक पायदान सरकता जाता है।

अभिभावक होने के नाते यह संभव है कि आप इस बारे में ज्यादा न सोचते हों , खास तौर से तब जब आपने इस खास दिन के लिए पहले से काफी बचत कर रखी हो। वास्तव में मौजूदा मंदी के माहौल में भी ज्यादातर अभिभावक पैसा कम खर्च करने की सलाह को सिरे से दरकिनार कर सकते हैं क्योंकि उनका कहना है कि ऐसा मौका जिंदगी में एक या दो बार आता है। कहानी कुछ भी क्यों न हो। ऐसे कुछ कदम जरूर हैं जो आप जेब पर पड़ने वाले खर्च के भारी बोझ को संतुलित करने के लिए उठा सकते हैं। अगर आप इस बात को लेकर हैरान हैं कि ऐसा कैसे किया जा सकता है तो
गृहनगर(होमटाउन) को तरजीह दें गृहनगर(होमटाउन) को तरजीह दें
 जब बात समारोह स्थल की आए तो सरीद का कहना है कि मौजूदा हालात में आर्थिक समझदारी इसी में कही जाएगी कि आप शादी का आयोजन अपने देश या अपने ही गृहनगर में करें। इससे आपको अतीत में बने संपर्क से काम निकलवाने में आसानी होगी और परिवार के कुशल सदस्यों की मदद ले सकेंगे। हालांकि , होटल के कमरों का किराया और विमान यात्रा के टिकट काफी कम हो गए हैं , ऐसे में आप अन्य विकल्प भी खंगाल सकते हैं लेकिन ऐसा तभी संभव है जब आपके पास ऐसा करने का वक्त और उन्हें गौर से समझने की क्षमता हो।

हालांकि , कई एनआरआई जो पहले भारत में शादी की योजना बना रहे थे अब अपने गृहनगरों में आयोजन कराने को तवज्जो दे रहे हैं जिससे खर्च में काफी कमी आती है। मंदी ने हमें सबसे अच्छा सबक यह दिया है कि जो लोग खर्च करने की क्षमता रखते थे