प्रॉपर्टी

फेस्टिव सीजन डिस्काउंट में ड्रीम होम की शॉपिंग-
अक्टूबर मध्य से शुरू होने वाले त्योहारी मौसम को देखते हुए घर खरीदने वाले आने लगते हैं। नवरात्रि से दिवाली के दौरान प्रॉपर्टी बाजार में 20-30 फीसदी तक की बढ़ोतरी होती है। इसकी एक वजह यह है कि लोग घर खरीदने के लिए इसे शुभ समय मानते हैं। इस दौरान बिल्डर भी खरीदारों को लुभाने के लिए फ्री पार्किंग स्लॉट ऑफर करते हैं। फ्लोर वाइज ज्यादा कीमत नहीं मानते। मॉड्यूलर किचन, एयरकंडीशंड अपार्टमेंट, फ्री ह्वाइट गुड्स या फर्निशिंग और स्टांप ड्यूटी पर छूट ऑफर करते हैं। इसके अलावा, कई बिल्डर स्पॉट डिस्काउंट भी देते हैं. 
अक्सर फेस्टिव सीजन से पहले रियल एस्टेट एग्जिबिशन में इस तरह के डिस्काउंट दिए जाते हैं। एक खरीदार की नजर से ये ऑफर आकर्षक दिखते हैं क्योंकि प्रॉपर्टी की कीमतें हमेशा चढ़ती रहती हैं। मुंबई, दिल्ली, बंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगर में तो हर छमाही में घर की कीमत बढ़ रही है। निवेश के लिए या रहने के लिए घर खरीदने का फैसला बहुत महत्वपूर्ण है। घर के लिए बेहतर डील हासिल करने से लेकर लोन मंजूर होने तक पूरी प्रक्रिया एक निश्चित चरण में चलती है। अगर आप इस फेस्टिव सीजन में घर खरीदने का मन बना रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं एक्शन प्लान।

प्रॉपर्टी के लिए ड्यू डिलिजेंस 
प्रॉपर्टी खरीदने वाले व्यक्ति को डेवलपर से प्रोजेक्ट की अप्रूव्ड ड्रॉइंग के बारे में पूछताछ करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें इनटिमेशन ऑफ डिसअप्रूवल और अगर बिल्डिंग का निर्माण चल रहा हो तो कमेंसमेंट सर्टिफिकेट की मांग करनी चाहिए। अगर बिल्डर ये कागजात उन्हें दिखाने में असफल रहता है तो उस प्रोजेक्ट में निवेश करने का कोई मतलब नहीं है। नाइट फ्रैंक के निदेशक (नेशनल एडवाइजरी सर्विसेज) गुलाम जिया ने कहा, 'होम लोन मंजूर करने से पहले बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां संबंधित कागजात और कानूनी प्रावधानों के बारे में जांच करती हैं। वे इसके लिए लोन लेने वालों से प्रोसेसिंग फीस भी लेती हैं। बैंक/एचएफसी द्वारा प्री-अप्रूव्ड रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को मंजूरी देने का चलन नया है।

इन मामलों में ग्राहक यह सोचकर निश्चिंत हो सकते हैं कि ड्यू डिलिजेंस का काम खुद बैंक/एचएफसी करती हैं।' घर खरीदने से पहले बिल्डर से आपको क्लियर लैंड टाइटल के बारे में पूछना चाहिए जिससे यह पता लग सके कि प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं है। अगर प्रॉपर्टी पर पहले कोई लोन चल रहा था तो आप बिल्डर से एनओसी के बारे में जानकारी मांगें।

लागत और लोन की योग्यता 
1,000 वर्ग फुट का फ्लैट अगर जुहू में 8,000 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से मिल रहा हो तो उसे खरीदने में जरा भी संकोच करने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपको उस फ्लैट की रजिस्ट्री के खर्च और स्टांप ड्यूटी के बारे में भी हिसाब लगाना चाहिए। इसके साथ ही, आपको बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, वॉटर एवं सीवर चार्जेज के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। प्रॉपर्टी खरीदने के बाद अगर आप उसमें अपने हिसाब से कुछ बदलाव कराना चाहते हैं तो उसका खर्च भी आपको उठाना पड़ेगा। अगर आप कोई स्टैंडअलोन प्रॉपर्टी रीसेल में खरीद रहे हैं तो उसमें वैल्यूएशन करने वाली एजेंसी का खर्च भी शामिल होता है। इसके अलावा, इस तरह की प्रॉपर्टी में टाइटल ट्रांसफर कराने का खर्च भी अलग से उठाना पड़ता है जिसे कन्वेंस के नाम से जाना जाता है। घर खरीदने के बाद आपको हर महीने मेंटेनेंस के लिए सोसाइटी चार्जेज और सालाना प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में खर्च करना पड़ता है।

नए जमाने की हाउसिंग सोसाइटी में स्विमिंग पूल, जिम, बारबेक्यू कॉर्नर्स और लैंडस्केप गार्डन के रूप में आपको एकमुश्त चार्ज देना पड़ता है। जोंस लैंग लसाल मेघराज के वीपी (होमबे रेजिडेंशियल) मृणाल ने कहा, 'भारत में सबसे पहले घर खरीदने वाले लोगों को स्टांप ड्यूटी के रूप में बड़ा खर्च झेलना पड़ता है। चूंकि अधिकतर लोग होम लोन लेकर घर खरीदते हैं, इसलिए लोन को कवर करने के लिए ली गई इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी खर्च आता है। इसके अलावा, किसी प्रॉपर्टी के बारे में कानूनी जानकारी हासिल करने पर भी खर्च करना पड़ता है।'

होम लोन की व्यवस्था करना 
आपके वेतन और प्री-पेमेंट की आपकी क्षमता के हिसाब से कई बैंक प्री-अप्रूव्ड होम लोन देते हैं। हालांकि विश्लेषकों का सुझाव है कि आप प्रॉपर्टी फाइनल करने से पहले होम लोन के बारे में बातचीत कर लें। अपना पैसा डॉट कॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा ने कहा, 'होम लोन लेने वाले लोगों के लिए बड़ी समस्या तब आती है, जब वे 15-25 साल पुरानी प्रॉपर्टी को देखते हैं, जिसे दो-तीन बार बेचा गया हो। आमतौर पर सरकारी बैंक इसके लिए लोन नहीं देते। सरकारी बैंक किसी निर्माणाधीन बिल्डिंग के लिए भी लोन नहीं देते, अगर वह प्री-अप्रूव्ड नहीं हो।'

______________________________________________________
1,400 करोड़ रुपए से ज्यादा में बिका दुनिया का सबसे कीमती फ्लैट-लंदन : मोनैको स्थित दुनिया के सबसे कीमती फ्लैट 20 करोड़ पाउंड में बिक्री हो गई है।
फ्लैट के मुख्य कमरे में पूर्व मालिक की रहस्यमय हत्या के बावजूद इसकी इतनी अधिक कीमत मिली है।

अखबार 'डेली मेल' के मुताबिक खाड़ी देश के एक निवेशक ने 97 सालों की लीज पर 24 करोड़ यूरो (19.9 करोड़ पाउंड) में इस फ्लैट को खरीदा है। माना जा रहा है कि यह निवेशक अरब का एक शेख है।

इस फ्लैट में एक लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल और सिनेमा स्क्रीन सहित सभी कुछ है। ऐसा माना जा रहा है कि संपत्ति विक्रेता क्रिश्चन और निक कैंडी को इस सौदे में कम से कम 19 लाख पाउंड का फायदा हुआ है। उन्होंने वर्ष 2000 की शुरुआत में एक ब्रिटिश महिला लिली साफ्रा से 17,500 वर्ग फीट का तीन बेडरूम वाला यह फ्लैट खरीदा था। बैंक में काम करने वाले साफ्रा के पति एडमंड की इस फ्लैट में लगी रहस्यपूर्ण आग में मौत हो गई थी। उस समय इसकी कीमत मुश्किल से एक करोड़ पाउंड थी।